🕉️ ॥ अवन्तिका तीर्थ क्षेत्र उज्जैन ॥
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🚩 पवित्र अवन्तिका तीर्थ • श्री महाकालेश्वर उज्जैन धाम

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा एवं मंगल भात पूजा

Book Kaal Sarp Dosh Puja & Mangal Bhat Puja in Ujjain

उज्जैन के अधिकृत वैदिक तीर्थ पुरोहित पंडित विष्णु पाठक जी से सीधे संपर्क कर पूजा की प्रामाणिक विधि, शुभ मुहूर्त, आवश्यक पूजन सामग्री एवं पारदर्शी दक्षिणा की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
(Speak directly with verified Vedic Teerth Purohit for ritual procedures, auspicious muhurat, and transparent dakshina details.)

पूजा स्थल: श्री हरसिद्धि मंदिर, श्री मंगलनाथ मंदिर एवं रामघाट, उज्जैन (म.प्र.)
पंडित जी से सीधा संपर्क (Direct Talk)
प्रामाणिक वैदिक विधि (Vedic Vidhi)
पारदर्शी दक्षिणा (Transparent Dakshina)
सीधा संपर्क • तत्काल परामर्श

पंडित जी से सीधे बात करें

पूजा की सही विधि, शुभ मुहूर्त एवं पारदर्शी दक्षिणा जानने के लिए अभी सीधे कॉल अथवा व्हाट्सएप करें।

Direct Helpline Number
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पंडित जी से सीधा संपर्क

Direct Communication

पंडित विष्णु पाठक जी से 7722958543 पर सीधे बात करें। कोई बिचौलिया या एजेंसी कमीशन नहीं।

Speak directly with Pandit Ji without middlemen.
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प्रामाणिक तीर्थ स्थल

Authentic Teerth Venues

उज्जैन के सिद्ध पीठों में पूजा: मंगल भात पूजा हेतु मंगलनाथ मंदिर एवं कालसर्प व पितृ कर्म हेतु पवित्र शिप्रा रामघाट।

Performed at sacred consecrated shrines.
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पारदर्शी दक्षिणा एवं सामग्री

Transparent Dakshina & Samagri

वैदिक सामग्री, चांदी के नाग-नागिन जोड़े एवं दक्षिणा की पूरी स्पष्ट जानकारी। कोई गुप्त शुल्क नहीं।

Clear discussion before booking without hidden fees.
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यजमान मार्गदर्शन एवं सुविधा

Complete Devotee Support

भारत व विदेश से आने वाले भक्तों के लिए शुभ मुहूर्त चयन, पूजन सामग्री एवं ठहरने (धर्मशाला) का उचित मार्गदर्शन।

Full travel, stay and ritual guidance for all devotees.

उज्जैन वैदिक पूजा एवं अनुष्ठान सेवाएं

Vedic Puja & Ritual Services in Ujjain — संपूर्ण वैदिक संकल्प, वेदोक्त मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से संपन्न

उज्जैन कालसर्प दोष पूजा विधान Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain सर्वाधिक मुख्य पूजा

कालसर्प दोष शांति पूजा

Kaal Sarp Dosh Nivaran Puja in Ujjain

कुंडली के सभी 12 प्रकार के कालसर्प योगों की संपूर्ण शांति। शुद्ध चांदी के नाग-नागिन जोड़े की प्रतिष्ठा, राहु-केतु मंत्र जाप, रुद्राभिषेक एवं पूर्णाहुति हवन।

  • स्थान (Venue): रामघाट / आश्रम, उज्जैन
  • विधान (Vidhi): संपूर्ण वेदोक्त कलश एवं हवन शांति
  • परामर्श (Booking): शुभ मुहूर्त व दक्षिणा हेतु कॉल पर बात करें
उज्जैन मंगलनाथ मंदिर मंगल भात पूजा Mangal Bhat Puja Ujjain मंगलनाथ मंदिर विशेष

मंगल भात पूजा

Mangal Bhat Puja (Mangalnath Mandir)

मंगल ग्रह की उत्पत्ति स्थली श्री मंगलनाथ मंदिर में शिवलिंग पर पके हुए भात (चावल), कुमकुम एवं लाल पुष्पों से विशेष अभिषेक कर मंगल के उग्र प्रभाव को शांत किया जाता है।

  • स्थान (Venue): श्री मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन
  • शुभ दिन: प्रत्येक मंगलवार / अंगारक चतुर्थी
  • परामर्श (Booking): पूजन सामग्री व दक्षिणा हेतु संपर्क करें
मांगलिक दोष शांति एवं अर्क-कुम्भ विवाह उज्जैन Manglik Dosh Puja विवाह बाधा निवारण

मांगलिक दोष निवारण पूजा

Manglik Dosh Shanti, Ark & Kumbh Vivah

कुंडली में 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में मंगल के प्रभाव से विवाह में आ रही देरी, संबंधों में तनाव या वैवाहिक जीवन की बाधाओं के निवारण हेतु वैदिक विधान।

  • विधान (Vidhi): मंगल ग्रह यज्ञ, अर्क / कुम्भ विवाह
  • उपस्थिति: स्वयं अथवा परिजनों सहित
  • परामर्श: जन्म कुंडली देखकर मुहूर्त निर्धारण
अंगारक दोष शांति पूजा उज्जैन Angarak Dosh Shanti Puja मंगल-राहु युति शांति

अंगारक दोष शांति पूजा

Angarak Dosh Shanti & Klesh Nivaran

अग्नि तत्व मंगल और छाया ग्रह राहु की युति से उत्पन्न क्रोध, कलह, व्यापारिक हानि या दुर्घटना भय के निवारण हेतु वैदिक समन्यवय शांति एवं हवन।

  • विधान: राहु-मंगल समन्वित आहुति एवं हवन
  • स्थान: मंगलनाथ तीर्थ क्षेत्र, उज्जैन
उज्जैन महाकाल रुद्राभिषेक Rudrabhishek & Mahamrityunjaya Jaap महाकाल अभिषेक

रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय जाप

Mahakal Rudrabhishek & Mahamrityunjaya Jaap

भगवान महाकालेश्वर की पावन नगरी में रुद्राष्टाध्यायी वैदिक मंत्रों से पंचामृत एवं गंगाजल अभिषेक। आरोग्य, दीर्घायु, मानसिक शांति एवं संकट निवारण हेतु।

  • प्रकार: लघुरुद्र, नमक-चमक पाठ, महामृत्युंजय जाप
  • विकल्प: उज्जैन में प्रत्यक्ष अथवा ऑनलाइन संकल्प
उज्जैन सिद्धवट एवं रामघाट पितृ दोष शांति Pitra Dosh Shanti & Narayan Bali पितृ मोक्ष कर्म

पितृ दोष शांति एवं नारायण बलि

Pitra Dosh Shanti, Pind Daan & Tripindi Shradh

पवित्र शिप्रा नदी के रामघाट एवं सिद्धवट तीर्थ पर पितृ तृप्ति एवं वंश वृद्धि हेतु वैदिक तर्पण, पिंडदान, त्रिपिण्डी श्राद्ध एवं नारायण बलि कर्म।

  • स्थल: सिद्धवट तीर्थ एवं रामघाट, उज्जैन
  • विधान: तर्पण, पिंडदान, पंचबलि एवं हवन

उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण पूजा: महत्व, विधि एवं जानकारी

Kaal Sarp Dosh Puja in Ujjain: Meaning, Procedure & Guidance

वैदिक ज्योतिष में जब जन्म कुंडली में सभी सात प्रमुख ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) छाया ग्रह राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं, तब कालसर्प योग का निर्माण होता है।

भगवान महाकालेश्वर की पावन नगरी उज्जैन, जिसे काल गणना का केंद्र माना जाता है, इस दोष के निवारण हेतु भारत का सर्वाधिक सिद्ध तीर्थ है। यहां की गई पूजा से मानसिक संताप, कार्यों में विघ्न और जीवन के अवरोध दूर होते हैं।

कालसर्प योग के 12 प्रमुख प्रकार (12 Types of Kaal Sarp Yog)

आपकी जन्मपत्रिका में राहु-केतु की स्थिति के अनुसार निम्नलिखित 12 प्रकार के कालसर्प दोषों का वेदोक्त शांति विधान किया जाता है:

1. अनंत कालसर्प (Anant) 2. कुलिक कालसर्प (Kulik) 3. वासुकि कालसर्प (Vasuki) 4. शंखपाल कालसर्प (Shankhpal) 5. पद्म कालसर्प (Padma) 6. महापद्म कालसर्प (Mahapadma) 7. तक्षक कालसर्प (Takshak) 8. कर्कोटक कालसर्प (Karkotak) 9. शंखचूड़ कालसर्प (Shankhachur) 10. घातक कालसर्प (Ghatak) 11. विषधर कालसर्प (Vishdhar) 12. शेषनाग कालसर्प (Sheshnag)
प्रमुख अनुष्ठान (Main Ritual) शुद्ध चांदी के नाग-नागिन प्रतिष्ठा, राहु-केतु वेदोक्त जाप एवं पूर्णाहुति हवन
शुभ दिन / मुहूर्त (Ideal Muhurat) अमावस्या, नागपंचमी, सोमवार, ग्रहण काल अथवा पंडित जी द्वारा निर्धारित विशिष्ट नक्षत्र
वस्त्र नियम (Dress Code) पुरुष: धोती-कुर्ता या शुद्ध कुर्ता-पायजामा। महिलाएं: साड़ी या सलवार सूट (काले व हरे रंग से परहेज करें)
दक्षिणा व सामग्री (Dakshina & Samagri) जन्म कुंडली व गोत्र अनुसार पूजन सामग्री एवं दक्षिणा की पूरी जानकारी हेतु पंडित जी से सीधे कॉल पर बात करें
उज्जैन कालसर्प दोष पूजा चांदी के नाग देवता Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain

🛡️ प्रामाणिक यजमान परामर्श (Devotee Advice)

हम किसी भी प्रकार के भय या अंधविश्वास के बिना केवल शास्त्रोक्त वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं। कोई भी सच्चा ब्राह्मण चमत्कार का अनुचित दावा नहीं करता; वैदिक पूजा से ग्रह जनित उग्रता शांत होकर आत्मिक शांति व उन्नति प्राप्त होती है।

📍 पावन पूजा स्थल (Sacred Venue)

उज्जैन में पवित्र मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के पावन रामघाट अथवा श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित वैदिक आश्रमों में पूर्ण शुचिता के साथ।

मंगलनाथ मंदिर में मंगल भात पूजा: पौराणिक महत्व एवं विधि

Mangal Bhat Puja at Mangalnath Temple, Ujjain — Cosmic Birthplace of Mars

स्कंद पुराण एवं मत्स्य पुराण के अनुसार, उज्जैन का श्री मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह (अंगारक) की प्राकट्य स्थली माना गया है। कर्क रेखा पर स्थित होने के कारण यह मंदिर संपूर्ण विश्व में मंगल दोष शांति का सर्वोच्च केंद्र है।

भात (पके चावल) का भोग क्यों? मंगल ग्रह उग्र एवं अग्नि तत्व प्रधान ग्रह हैं जो रक्त, क्रोध व ऊर्जा का कारक हैं। पका हुआ भात (चावल) शीतल, सात्विक एवं चंद्रमा का प्रतीक है। शिवलिंग पर भात अर्पण करने से मंगल की उग्रता शांत होती है और वैवाहिक सुख प्राप्त होता है।

पूजा स्थल (Venue) श्री मंगलनाथ मंदिर (Shree Mangalnath Temple), उज्जैन (म.प्र.)
पूजन सामग्री (Samagri) शुद्ध पके हुए चावल (भात), लाल पुष्प, मसूर दाल, सिंदूर, बिल्वपत्र, गाय का घी, पंचामृत एवं लाल वस्त्र
सर्वाधिक शुभ दिन (Auspicious Days) प्रत्येक मंगलवार (Tuesday), अंगारक चतुर्थी, अथवा मंगल महादशा गोचर काल
पूजा विधि (Vidhi) अभिषेक, भात पूजन, कुमकुम अर्चन, नवग्रह शांति एवं मंगल स्त्रोत पाठ
दक्षिणा परामर्श (Dakshina Guidance) पूजा संकल्प, आवश्यक सामग्री एवं दक्षिणा विवरण हेतु पंडित जी से संपर्क करें
मंगलनाथ मंदिर उज्जैन मंगल भात पूजा Mangal Bhat Puja Mangalnath Ujjain

🌾 भात पूजा हेतु तैयारी (Preparation Guidance)

यजमानों को सलाह दी जाती है कि वे सोमवार सायं अथवा मंगलवार प्रातः उज्जैन पहुंचें। मंगलनाथ दर्शन एवं पूजा से पूर्व शिप्रा स्नान करना शास्त्र सम्मत व अत्यंत फलदायी माना गया है।

मांगलिक दोष निवारण, कुम्भ विवाह एवं अर्क विवाह

Manglik & Mangal Dosh Nivaran: Respectful Vedic Guidance in Ujjain

कुंडली के 1 (लग्न), 4, 7, 8 अथवा 12वें भाव में मंगल स्थित होने पर मांगलिक दोष बनता है। वैदिक ज्योतिष में इसे भयभीत होने का विषय नहीं बल्कि मंगल की ऊर्जा को संतुलित करने का मार्ग माना गया है।

उज्जैन में संपन्न होने वाले प्रमुख वैदिक उपचार:

  • मंगल भात पूजन (Mangal Bhat Pujan): मंगलनाथ मंदिर में मंगलदेव को भात अर्पित कर वैवाहिक तनाव व उग्रता का निवारण।
  • कुम्भ विवाह (Kumbh Vivah): कन्या की कुंडली में उग्र मांगलिक योग होने पर भगवान विष्णु स्वरूप मिट्टी के कलश से सांकेतिक वेदोक्त विवाह।
  • अर्क विवाह (Ark Vivah): वर की पत्रिका में वैधव्य योग या मंगल बाधा होने पर पवित्र मंदार (आक) के पौधे के साथ विधि-विधान से विवाह।
  • मंगल ग्रह शांति हवन (Mangal Graha Havan): खैर (खदिर) की समिधा एवं लाल पूजन सामग्री से वेदोक्त आहुतियां।
मांगलिक दोष कुम्भ विवाह एवं अर्क विवाह उज्जैन Manglik Dosh Kumbh Ark Vivah

📋 परामर्श हेतु आवश्यक जानकारी

सटीक मुहूर्त एवं उपाय जानने हेतु कृपया अपना जन्म दिनांक, जन्म समय, जन्म स्थान एवं गोत्र तैयार रखें और पंडित जी को कॉल या व्हाट्सएप पर साझा करें।

पूजा संकल्प एवं बुकिंग के 4 सरल चरण

4-Step Simple Booking Process — प्रथम परामर्श से लेकर उज्जैन में वैदिक अनुष्ठान संपन्न होने तक

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चरण 1: पंडित जी से संपर्क

Step 1: Contact Pandit Ji

फ़ोन कॉल या व्हाट्सएप (+91 77229 58543) द्वारा सीधे संपर्क करें। अपना नाम, गोत्र, जन्म विवरण एवं पूजा का नाम बताएं।

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चरण 2: मुहूर्त एवं विधि विचार

Step 2: Discuss Muhurat

पंडित जी पत्रिका का अवलोकन कर शास्त्र सम्मत पूजा विधि, आवश्यक सामग्री एवं सर्वोत्तम शुभ तिथि-मुहूर्त निर्धारित करते हैं।

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चरण 3: तिथि व दक्षिणा पुष्टि

Step 3: Confirm Details

पूजा का निश्चित दिन, तीर्थ स्थल (मंगलनाथ, रामघाट या आश्रम), पूजन सामग्री एवं दक्षिणा की पूरी स्पष्टता से पुष्टि करें।

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चरण 4: अनुष्ठान में सहभागिता

Step 4: Perform Ritual

उज्जैन पधारकर पंडित जी के सान्निध्य में वैदिक संकल्प लें, विधि-विधान से पूजा पूर्ण कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करें।

भक्तजन पंडित विष्णु पाठक जी पर विश्वास क्यों करते हैं?

Why Devotees Trust Us — उज्जैन की प्राचीन तीर्थ परंपरा, शुद्ध वेदोक्त रीति, पारदर्शी आचरण एवं आत्मीय मार्गदर्शन।

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पंडित जी से सीधा संवाद (Direct Contact)

किसी भी प्रकार के बिचौलिए, दलाल या एजेंसी के बिना आप सीधे पूजा कराने वाले विद्वान पुरोहित से बात करते हैं।

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पूजन सामग्री एवं दक्षिणा की पूर्ण स्पष्टता

शुद्ध गाय का घी, हवन समिधा, चांदी के नाग देवता एवं ब्राह्मण दक्षिणा की पूर्व में ही स्पष्ट जानकारी दी जाती है।

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अंधविश्वास व भयमुक्त मार्गदर्शन (No Fear Marketing)

हम यजमानों को ग्रहों का डर दिखाकर अनुचित दावा या अंधविश्वास नहीं फैलाते, बल्कि वैदिक शांति व समाधान बताते हैं।

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यजमान सुविधा एवं मंदिर दर्शन सहायता

उज्जैन आगमन पर धर्मशाला व्यवस्था, मंदिर दर्शन समय एवं पूजा नियमों की संपूर्ण जानकारी दी जाती है।

पंडित विष्णु पाठक वैदिक पुरोहित उज्जैन Pt Vishnu Pathak

🕉️ पंडित विष्णु पाठक जी का परिचय (About Pandit Ji)

उज्जैन के प्रतिष्ठित तीर्थ पुरोहित वंश से संबद्ध, पंडित जी शुक्ल यजुर्वेद परंपरा, नवग्रह शांति, महाकाल रुद्राभिषेक, कालसर्प दोष एवं मंगल भात पूजा के विशेषज्ञ हैं। सभी अनुष्ठान पूर्ण शुचिता, वेदोक्त संकल्प एवं शास्त्रीय मर्यादा के साथ संपन्न कराए जाते हैं।

पूजन संबंधी प्रमुख प्रश्न एवं समाधान

Frequently Asked Questions — उज्जैन में वैदिक पूजा से संबंधित यजमानों के सामान्य प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर

आप पंडित विष्णु पाठक जी से मोबाइल नंबर +91 77229 58543 पर सीधे कॉल करके अथवा व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर पूजा बुक कर सकते हैं। अपनी जन्म तारीख, समय, जन्म स्थान व गोत्र साझा करें। पंडित जी आपकी कुंडली देखकर शुभ मुहूर्त व आवश्यक विधान की जानकारी देंगे।
कालसर्प दोष पूजा की दक्षिणा व आवश्यक वैदिक सामग्री (जैसे चांदी के नाग-नागिन, हवन समिधा, पुष्प आदि) यजमान की जन्म कुंडली, कालसर्प के प्रकार एवं वेदोक्त विधान पर निर्भर करती है। पूर्ण पारदर्शिता एवं सही मार्गदर्शन हेतु यजमान सीधे 7722958543 पर पंडित जी से संपर्क कर सकते हैं।
मंगल भात पूजा विशेष रूप से उज्जैन स्थित अति प्राचीन एवं पौराणिक श्री मंगलनाथ मंदिर (Shree Mangalnath Temple) में संपन्न की जाती है। मत्स्य पुराण के अनुसार यह पावन तीर्थ मंगल ग्रह की जन्म स्थली है और यहां शिवलिंग पर भात अर्पित करने का अमोघ फल मिलता है।
मंगलनाथ मंदिर में सामान्य भात पूजा अथवा विशेष अर्क/कुम्भ विवाह अनुष्ठान की संपूर्ण सामग्री एवं दक्षिणा की जानकारी पंडित जी से सीधे फोन या व्हाट्सएप पर प्राप्त की जा सकती है। कोई भी गुप्त शुल्क नहीं लिया जाता।
हम सलाह देते हैं कि आप उज्जैन यात्रा से कम से कम 3 से 7 दिन पूर्व संपर्क करें। इससे मंगलवार (मंगल भात पूजा हेतु) या अमावस्या/पंचमी (कालसर्प पूजा हेतु) का अनुकूल मुहूर्त तय करने और शुद्ध वैदिक सामग्री तैयार रखने में यजमान को पूरी सुविधा रहती है।
यजमान को अपना जन्म विवरण (तारीख, समय, स्थान) एवं कुल गोत्र ज्ञात होना चाहिए। पूजा हेतु पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता अथवा स्वच्छ कुर्ता-पायजामा और महिलाओं के लिए पारंपरिक साड़ी या सलवार सूट अनिवार्य है। पूजा में काले व गहरे हरे वस्त्र पहनने का निषेध है।
उज्जैन में सभी वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रीय मर्यादा से संपन्न होते हैं। इसमें शरीर शुद्धि, गणेश-अंबिका पूजन, पुण्याहवाचन, कलश स्थापन, प्रधान देवता का अभिषेक, वेदोक्त मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति-आरती विधिपूर्वक कराई जाती है।
हाँ, जो यजमान अस्वस्थता अथवा दूर देश (विदेश) में होने के कारण व्यक्तिगत रूप से उज्जैन नहीं आ सकते, पंडित जी उनके नाम, गोत्र और कुल का लाइव वीडियो कॉल द्वारा विधिपूर्वक संकल्प लेकर उनके निमित्त पूजा संपन्न कराते हैं और रक्षा सूत्र व प्रसाद प्रेषित किया जाता है।
आप सीधे UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm), बैंक ट्रांसफर अथवा उज्जैन आगमन पर नकद दक्षिणा दे सकते हैं। किसी भी प्रकार के वित्तीय ओटीपी या पासवर्ड की मांग नहीं की जाती।

उज्जैन में पूजा का संकल्प? पंडित जी से सीधे बात करें

Planning a Puja in Ujjain? Speak Directly with Pandit Ji

शुभ मुहूर्त, शास्त्र सम्मत वैदिक विधि एवं पारदर्शी दक्षिणा की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। प्रतिदिन प्रातः 08:00 AM से रात्रि 10:00 PM तक संपर्क योग्य।

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